भाभी की चूत चुदाई का मजा लिया

(Bhabhi Ki Chut Chudai Ka Maja Liya)

दोस्तो, ये मेरी पहली हिंदी सेक्स कहानी है, उम्मीद करता हूँ.. आपको पसन्द आएगी.

कहानी शुरू करने से पहले मैं अपने बारे में बता दूँ. मेरा नाम विशाल (बदला हुआ) है, उम्र 22 साल, कद 6 फुट और मैं भंडारा (महाराष्ट्र) से हूँ. मैं एक कामपिपासु लड़का हूँ, शुरू से मेरी सेक्स में कुछ ज़्यादा ही रूचि है.

ये बात 2012 की है, जब मैं कॉलेज में था. मेरे पड़ोस में एक फैमिली रहती थी उस फैमिली में सिर्फ 2 लोग ही थे. सुरेश भैय्या 29 साल के और स्नेहा भाभी 25 साल की थीं. उनकी शादी को 2 साल ही हुए थे. सुरेश भैया हमारे ही शहर में पोलिस विभाग में थे.
सुरेश भैया मेरे अच्छे पड़ोसी दोस्त थे, उनकी एक लड़की थी, जो एक साल की थी. मैं उनके घर आता जाता रहता और मेरे मम्मी और पापा की भैया भाभी से अच्छी बनती थी.

एक दिन मैं सुरेश भैया के घर गया, तो देखा कि घर का दरवाजा हल्का सा टिकाया हुआ था, तो मैं सीधा अन्दर चला गया और स्नेहा भाभी को आवाज देने लगा.
तभी स्नेहा भाभी बोलीं- हां रुको, आ रही हूँ.
मैं हॉल में सोफे पे बैठ गया,
मुझे जोर से पेशाब लगी तो मैं बाथरूम की ओर चल दिया.. तभी मेरी नजर भाभी के बेडरूम की तरफ गई.

जब मैं बेडरूम की तरफ मुड़ा तो देखा कि भाभी कपड़े पहन रही थीं, वो अपनी ब्रा पहनने की कोशिश कर रही थीं. उनके बड़े चूचे होने की वजह से उनसे हुक नहीं लग पा रहा था.
हाय क्या मस्त फिगर था भाभी का!

उस वक्त मैं छात्र था तो शायद मेरा लंड केवल चार या पांच इंच का रहा होगा.. लंड सलामी देने लगा. मैं इतने से ही नज़ारे में खुद को रोक ना सका और बाथरूम की ओर चल दिया. मैं मूतने लगा, लेकिन लंड खड़ा होने के कारण मूतने में दिक्कत हो रही थी तो मैं लंड को सहलाने लगा और बस मुठ मारने ही वाला था कि तभी भाभी की आवाज आई- विशाल!

मैं जल्दी से फ्री होकर बाथरूम से निकला और भाभी के पास चला आया. मैं उनके पास जाते ही एकदम से चौंक गया. भाभी ने अपने चूचे तौलिये से ढके हुए थे और मेरी तरफ देख रही थीं.
भाभी बोलीं- क्या देख रहे हो, जरा मेरी मदद करो.
मैं बोला- क्या मदद भाभी?
भाभी बोली- मेरी ब्रा का हुक लग नहीं रहा.. तुम लगा दो.

मैं भाभी के पीछे हो गया और उनकी ब्रा का हुक लगाने लगा.
उफ्फ्फ क्या फिगर था भाभी का.. 32-29-36 का तो होगा ही.
मैं उनके बदन को अच्छी तरह निहार रहा था, मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. भाभी ने मेरा तना हुआ लंड देख लिया और हंस पड़ीं.

खैर.. मैं शर्मा कर वहां से अपने घर चला गया और भाभी के बारे में सोच कर मुठ मारने लगा.

दूसरे दिन मैं कॉलेज गया और ये सब मैंने अपने खास दोस्त को बताया. उसने कहा- अगर तुझे भाभी को चोदना है तो mxcc.ru पर सेक्स कहानी पढ़, वहां पर ऐसी बहुत सी चुदाई की कहानी हैं और तुझे आईडिया भी मिल जाएगा. फिर तू भाभी को आराम से चोद पाएगा.

फिर मैं mxcc.ru सेक्स कहानी पढ़ने लगा और रोज भाभी के बारे में सोच कर मुठ मारने लगा. mxcc.ru पे मैं सबसे अधिक भाभियों की चुदाई की कहानी पढ़ता था. इस तरह अब मैं भाभी को चोदने के प्लान बनाने लगा.
रोज किसी ना किसी बहाने स्नेहा भाभी के घर जाने लगा और कभी उन्हें नहाते या कभी कपड़े बदलते देखने लगा.

भाभी के चुचे क्या माल थे दोस्तो.. गोल गोल कड़क चुचे.. आह.. कामुकता वश मेरा मन करता था कि पकड़ कर खा जाऊं.. लेकिन कभी हिम्मत ही नहीं हुई.
भाभी भी दिन भर बोर होतीं तो मेरे घर में आ जातीं. मैं एक कोने में बैठ कर उनके चुचे घूरता रहता. ऐसा सिलसिला चालू रहा.

ऐसे करते करते मेरी बोर्ड के एग्जाम चालू हो गए. जब मेरे एग्जाम खत्म हुए तो मैंने फिर से भाभी के बारे में सोचना चालू किया. काफी दिन बाद मैं भाभी के घर गया, आज दरवाजा बन्द था. मैंने सोचा कि शायद भाभी कपड़े पहन रही होंगी.

भाभी के पीछे खुले आँगन में एक छोटा सा गार्डन है, मैं उस तरफ गया. भाभी के बेडरूम की एक खिड़की गार्डन में खुलती है.. लेकिन उस खिड़की में कूलर लगा हुआ था, फिर भी मैं बेडरूम में देखने की कोशिश करने लगा.

जब मेरी नजर बेडरूम में पड़ीं तो आँखें फटी की फ़टी रह गईं. भाभी बेड पर एकदम नंगी पड़ी थीं. उनकी सफाचट चूत साफ़ दिख रही थी. क्या मस्त मखमली चूत थी दोस्त.. मस्त मुलायम डबल रोटी की तरह फूली हुई चूत थी.

तभी एक आदमी बगल से निकल कर आया और भाभी को चूमने लगा, उसने भाभी की चूत पर अपना मुँह रख दिया. फिर उस आदमी ने भाभी की चूत चूसना शुरू कर दिया, भाभी एकदम से कामुक सिसकारियां लेने लगीं और ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ करते हुए उस आदमी का सर चूत पे दबाने लगीं.
भाभी टांगें फैलाए हुए चूत खोल कर पूरी तरह से उस आदमी के सर को अपनी चूत पर दबाए हुए कामुकता से ‘अह अह अह्ह्ह..’ कर रही थीं.

यह कहानी आप mxcc.ru पर पढ़ रहे है ।

कुछ देर बाद वो दोनों 69 की पोजिशन लेने लगे. इसके बाद उस आदमी ने अपना लंड भाभी की बुर में पेल दिया. उस आदमी का लंड 7 इंच का होगा. लंड घुसवाते ही भाभी की चीख निकल पड़ी- उईईईईई.. मर गई.. थोड़ा धीरे डालो संजय..
मतलब उस आदमी का नाम संजय था.
उसने और एक धक्का लगा दिया, अब पूरा लंड भाभी की चूत में चला गया. भाभी की चुदाई शुरू हो गई.

करीब दस मिनट बाद भाभी चरम सीमा पे आ गईं और चिल्लाने लगीं- आहा अह्ह्ह्ह अहह अह्ह्ह्ह्ह और जोर से अह्ह्ह्ह संजू.. जोर से अह्ह्ह अह..
भाभी ने संजय को जोर से जकड़ लिया और झड़ गईं

मैं खिड़की के बाहर से गैर मर्द से भाभी की चुत चुदाई देख कर अपना लंड सहलाने लगा.

संजय भी अब झड़ने वाला था और तेजी तेजी से धक्के लगाने लगा. वो भी झड़ गया और भाभी के ऊपर ढेर हो गया.
उनकी चुदाई खत्म हो गई थी. मैं भी अपने घर चला गया और बाथरूम जाकर मुठ मारने लगा.

अभी मेरी छुट्टियां चल रही थीं, मैं भाभी के घर की ओर नजर रखने लगा. संजय हफ्ते में एक दिन आता तो मैं दबे पाँव उसके पीछे चला जाता और भाभी की चुदाई देखने का मजा लेता.

फिर एक दिन अचानक सुरेश भैया की तबियत खराब होने लगी. उस रात को उन्हें एडमिट करना पड़ा.. और 15 दिन बाद भैया की मृत्यु हो गई, उन्हें ब्रेनहैमरेज हुआ था.
अब मैं अगली क्लास में आ गया था.

संजय अब हफ्ते में 2 बार आने लगा कभी कभी रात में उधर ही भाभी के घर में रुक जाता था. अब तो भाभी मुझे भी अक्सर किसी ना किसी काम से बुला लिया करती थीं. लेकिन क्या बताऊं दोस्तो मेरी गांड इतनी फट रही थी, इस डर से कि भाभी मेरे घर में शिकायत ना कर दें.
यह जानते हुए कि भाभी को भी लंड की जरूरत है मैं कुछ नहीं कर पा रहा था.

अब मेरे पास एंड्राइड मोबाइल भी आ गया था. एक दिन भाभी के घर पर बैठ मैं परी के साथ खेल रहा था. परी भाभी की 2 साल की लड़की का नाम है.

भाभी ने मेरा मोबाइल लिया और व्हाटसैप का एक वीडियो देखने लगीं. मेरे मोबाइल में कुछ ब्लू फ़िल्म पड़ी थीं, उन्होंने वो भी देख लीं और मुझसे बोलीं- विशाल तुम ये सब देखते हो?
मैंने पूछा- क्या भाभी?
वे बोलीं- ब्लू फ़िल्म?
मैं हड़बड़ा गया, मैंने सोचा अब क्या बोलूँ और बोला- हां भाभी कभी कभी..
भाभी बोलीं- तेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?
मैं बोला- नहीं भाभी, लेकिन मैं किसी को पसंद करता हूँ.
भाभी बोलीं- किसे?

मैंने भाभी को उस लड़की के बारे में सब कुछ बता दिया. तभी भाभी को किसी का फ़ोन आया और भाभी अलग हो कर फोन सुनने लगीं.
थोड़ी देर में भाभी बोलीं- अच्छा विशाल, अब तुम चले जाओ, शाम को आना. मैं परी को सुलाती हूँ और खुद भी सो जाती हूँ.
मैं चला गया.

थोड़ी देर बाद भाभी के घर में संजय जाता हुआ दिखा, मुझे समझ आ गया कि भाभी ने मुझे घर क्यों भेज दिया. तब तो भाभी से बात नहीं बनी थी. लेकिन अब मुझसे एक लड़की भी पट गई, उसको मैं 3 बार चोद भी चुका था.

इस बार मैंने ठान लिया था कि इस साल भाभी को चोद के रहूँगा. मैं जोर शोर से प्लान बनाने लगा. परी अब 3 साल की हो गई थी, भाभी उसे प्ले सेंटर में भेजने लगी थीं.

एक दिन मैं घर पर अकेला ही था, तब भाभी आईं और मेरे मम्मी को आवाज देने लगीं. मैंने कहा- भाभी मम्मी घर पर नहीं हैं, वे हॉस्पिटल गई हैं.
भाभी मेरे पास आकर बैठ गईं, इधर उधर की बात होने लगीं.

मैंने हिम्मत करके भाभी से कहा- भाभी एक बात कहूँ?
भाभी- बोल!
‘पहले वायदा करो कि आप किसी को नहीं बोलोगी.’
भाभी- हां बोल ना..!
मैंने कहा- भाभी मुझे एक बार आपको किस करना है.
भाभी हंस पड़ीं और बोलीं- ठीक है ले ले किस..

मैं किस करने लगा और मुझे लगा कि भाभी मुझसे ज्यादा किस करने का मजा ले रही थीं. मैं धीरे धीरे भाभी के चुचे दबाने लगा. भाभी ने मुझे अलग कर दिया.
भाभी बोलीं- तू किस मांग कऱ ये क्या कर रहा है, रुक तेरी मम्मी को बताती हूँ.
मैंने माफ़ी माँगते हुए कहा- भाभी मैंने आज तक सेक्स नहीं किया है. मेरा भी मन करता है.. प्लीज़ एक बार भाभी.
भाभी बोलीं- क्यों तेरी गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?
मैंने कहा- नहीं है.. भाभी वो लड़की नहीं पटी.. आपका मन नहीं करता क्या.. अब तो भैया भी नहीं रहे.

मेरी इस बात से भाभी के गाल लाल हो गये, भाभी गुस्से से बोलीं- नहीं करता मेरा मन..
मैं भी बोला- कैसे करेगा.. संजय जो है.. मुझे सब पता है.. हफ्ते में दो बार आता है.. सब देखा है मैंने..

भाभी सनाका खा कर मेरी तरफ देखने लगीं. फिर वे मुझसे खुलने लगीं- तुमने किसी को बताया तो नहीं?
मैंने कहा- नहीं.. प्लीज़ भाभी करने दो ना..
और मैंने भाभी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए, भाभी के ब्लाउज के ऊपर से चुचे दबाने लगा. अब भाभी भी विरोध नहीं कर रही थीं. मैंने भाभी को जल्द से चोदना बेहतर समझा और भाभी को नंगी करके उनकी टांगें फैला दीं. अगले ही पल मैंने भाभी की चुत में लंड डाल दिया और जोर जोर से चोदने लगा, लेकिन अति उत्तेजना की वजह से मैं 2 मिनट भी टिक नहीं पाया और भाभी की चुत में ही बह गया.
मैं भाभी के सामने शर्मिन्दा सा हो गया और भाभी मुझ पर हंस पड़ीं और कपड़े पहन कऱ चली गईं.
चुदासी भाभी नादान देवर से संतुष्ट नहीं हो पाई थी.

उसके बाद जब मैंने भाभी को चोदने की बात की तो भाभी ने मेरी शिकायत करने की धमकी दी. चूंकि मैं भी अपनी मर्दानगी साबित नहीं कर पाया था, इसलिए चुप रह गया.

भाभी की गरम चूत की चुदाई की हिंदी सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताएं.



xfuck"hindi kahaniyan""hot stories hindi""chudai ki kahani new""indian sex storiea""virgin chut""sex storeis""online sex stories"kaamukta"hindi sex katha""kamukta beti""hot n sexy story in hindi""pahali chudai""www hindi sexi story com""xossip hot""choot ki chudai""hot sex story in hindi""mausi ki bra""chudai kahaniya hindi mai""www sexi story""sexy storis in hindi""bhabhi ki chudai story""hot kahani new""sex stories hot""chudai ki real story""chudai ka sukh""sex storues""mausi ko pataya""hindi sex kahaniya in hindi""indian desi sex stories""bhai bahan hindi sex story""very hot sexy story""sex kahani and photo""hot sex story""sex story mom""teacher ko choda"indiasexstories"naukrani sex""kamukta sex stories""hot sex story""indian sex sto""bhai ne choda""latest sex story hindi""sexy kahani""saxy hindi story""gay sex story in hindi""bhabi ko choda""www sexy story in""jija sali ki sex story""sexi story new""sexstories in hindi""virgin chut""indian srx stories""www.hindi sex story""chut ki pyas""chudai sexy story hindi""papa se chudi""kamvasna sex stories""chodna story""www sex storey""sexey story""beti ko choda""www kamvasna com""indian sex storie""college sex stories""chechi sex""hindi chudai kahaniyan""chachi ki chut""hot sexy story in hindi""padosan ko choda""hindi sexystory com""phone sex in hindi""hot chudai story""indian mom sex story"www.chodan.com"sexy storis in hindi""hot khaniya""cudai ki kahani"