नीतू भाभी को कंडोम लगाकर चोदा

Bhabhi ko condom laga ke choda

हैल्लो दोस्तों, में लायल पंजाब का रहने वाला हूँ और आप लोगों की तरह में भी पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके पूरे पूरे मज़े लेता आ रहा हूँ. मैंने अब तक बहुत सारी सच्ची सेक्सी कहानियों के मज़े लिए है और आज में भी अपनी एक सच्ची घटना अपना सेक्स अनुभव जो मैंने अपनी भाभी के साथ लिया, उसको सुनाने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि इसको पढ़कर आप लोगों को बहुत अच्छा लगेगा.

यह मेरी कहानी जरुर अच्छी लगेगी और अब में अपना परिचय करवाते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ. दोस्तों मेरे लंड का आकार 6.5 लंबा और 2 इंच मोटा है.

दोस्तों यह कहानी मेरी लाईफ का करंट और एक सच्ची घटना है, जिसमें मैंने अपनी एक बहुत मस्त सेक्सी भाभी को चोदा. उन भाभी का नाम नीतू है और उनका इस कहानी में नाम बदला हुआ है, वो दिखने में बहुत ही प्यारी और सेक्सी है और उनकी उम्र करीब 28-29 साल की होगी. वो देखने में तो बहुत ही सेक्सी बॉम्ब थी और में पहले तो उनके बारे में ज़्यादा तो नहीं जानता था, क्योंकि वो हमारे नये घर की पड़ोसन थी.

मेरे हिसाब से उनके फिगर का आकार 36-32-38 था. उनका एक लड़का था और वो बाहर रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था, लेकिन दोस्तों वो फिर भी अपने चेहरे सेक्सी बदन से बिल्कुल भी ऐसी नहीं लगती थी, क्योंकि वो थी ही कुछ चीज ऐसी जिसको देखकर अच्छे अच्छो के लंड का पानी निकल जाए.

दोस्तों वो अक्सर हमारे घर पर किसी ना किसी काम से आती जाती रहती थी, इसलिए उनकी मेरे साथ थोड़ी बहुत बातचीत हुआ करती थी, वो मेरी हर बात का बहुत खुश होकर मुस्कुराते हुए जवाब दिया करती थी. उनका मेरे और मेरे घर वालों के प्रति व्यहवार भी बहुत अच्छा था और वो बहुत खुशमिजाज की थी.

एक दिन जब वो हमारे घर के दरवाजे के पास खड़ी हुई थी तो में उस समय थोड़ा जल्दी में था, इसलिए दरवाजे को पार करके बाहर जाते समय तभी अचानक से मेरी कोहनी उनके बूब्स से छू गई. दोस्तों में आप लोगों को कैसे बताऊं? वो क्या अहसास था बस उसी दिन से सोच लिया कि एक बार तो मुझे उसको चोदना बनता है, क्योंकि मेरे छू जाने पर भी उसने मुझसे कुछ ना कहा, जिससे मेरी हिम्मत ज्यादा बढ़ गई. वैसे तो में पहले भी उसको अपनी गंदी नजर से देखता था, लेकिन उस घटना के बाद मेरी सोच अब उसके लिए बिल्कुल ही बदल गई थी.

अब ऐसे ही उसके सुंदर चेहरे सेक्सी बदन को देखने और उसको चोदने के विचार करते करते करीब 4-5 महीने निकल गये. इस बीच हमारे बीच हंसी मजाक बातें करना कुछ ज्यादा ही बढ़ गया था और में अपनी नौकरी के साथ साथ उनकी तरफ कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो गया, वैसे मुझे नौकरी भी करनी थी, इसलिए में थोड़ा सा कम समय ही उन्हें दे पाता था, लेकिन मेरी अच्छी किस्मत को तो मेरे ऊपर एक दिन मेहरबान होना ही था और मेरे साथ वो हुआ जिसको में बहुत दिनों से बस सोच ही रहा था.

एक दिन उनका व्हाटसप आ गया और उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे एक नया फोन लेना है, तुम मुझे बताओ में कौन सा फोन लूँ? मेरे हिसाब से मुझे तुम्हारे जैसा फोन ले लेना चाहिए, क्या तुम मुझे दिलवाकर ला सकते हो, क्योंकि मेरे पति दो तीन दिन के लिए कहीं बाहर गए है, क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो? फिर मैंने कहा कि हाँ क्यों नहीं? आप मेरे साथ चलिए, मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है और फिर में उसी दिन उनको अपने साथ लेकर एक मोबाईल की दुकान पर ले गया और उनको एक अच्छा सा मोबाईल दिलवा दिया और फिर उसके बाद हम वहां से निकल गए.

तब उन्होंने मुझसे रास्ते में कहा कि में घर पर एकदम अकेली हूँ, इसलिए मुझे अपने लिए अंडरगारमेंट भी खरीदने है, क्या तुम किसी अंडरगारमेंट स्टोर पर ले जाकर मुझे वो भी दिलवा सकते हो? दोस्तों में उसके मुहं से बूब्स का आकार और बातें सुनकर एकदम चकित था कि यह साली तो बड़ी शरीफ बनकर रहती थी और मुझे बोल रही है वो सब शॉपिंग करवाने के लिए. मैंने उसकी बात मानकर वैसा ही किया और उसने मेरे सामने ही अपने सेक्सी बदन का आकार बताकर अपने अंडरगारमेंट खरीद लिए. उसके बाद वो मुझसे एकदम चिपककर बैठ गई.

मुझे उसके बूब्स की गरमी महसूस हो रही थी, जिसकी वजह से आज मेरी हिम्मत कुछ ज्यादा ही बढ़ गई और में खुद ही जानबूझ कर अपनी गाड़ी को ब्रेक लगा देता, जिससे वो मुझे और भी सट जाती और मैंने उनके पूरे पूरे मज़े लिए, लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ ना कहा और जब हम घर पर पहुंचे तो वो मुझसे कहने लगी कि मेरे घर पर ताला लगा हुआ है, क्योंकि में घर पर अकेली हूँ, आ जाओ हम साथ में बैठकर कॉफी के मज़े लेते है और में उनके कहने पर उनको हाँ कहते हुए उनके पीछे पीछे उनके घर के अंदर चला गया और तब उन्होंने मुझे अंदर लाने के बाद बैठने की लिए कहा और फिर मैंने उनसे पूछा कि भाभी बहुत समय हो गया आपके बेटे को देखे हुए.

फिर उन्होंने मुझसे कहा कि हाँ वो बहुत कम यहाँ पर आता है, लेकिन अब कुछ दिनों बाद वो तुम्हें यहीं पर दिखेगा, क्योंकि उसकी छुट्टियाँ जो है.

फिर वो मुझे बहुत खुश दिख रही थी, इसलिए मैंने मौके का फायदा उठाते हुए कहा कि क्या में आपसे एक बात कहूँ, आपको बुरा तो नहीं लगेगा? अब वो पूछने लगी हाँ बोलो ना क्या बात है और फिर मैंने कहा कि आप बहुत सुंदर हो और आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, लेकिन में बहुत दिनों से यह बात आपसे कहने से डर रहा था. तभी वो बोली कि नहीं तुम यह सब बहुत गलत कह रहे हो, तुमने मेरे बारे में ऐसा कैसे सोच लिया, क्या में तुम्हें ऐसी वैसी दिखती हूँ? तुम बहुत गलत इंसान हो. मैंने तुम्हारे बारे में ऐसा कभी नहीं सोचा था.

फिर मैंने कहा कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है, यह सब आपका कसूर है, क्योंकि आप बहुत सुंदर हो और में क्या आपको देखकर कोई भी अपने मन से आपको बस यही बात कहना चाहता है.

में : में आपको अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूँ?

भाभी : क्या मतलब?

भाभी : ऐसा कभी नहीं हो सकता, यह एकदम नामुमकिन है, क्योंकि वो वर्जिन होना चाहिए.

में : लेकिन आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो और आप मेरी पहली गर्लफ्रेंड हो.

भाभी : इसका मतलब तो यह है कि तुम अब तक वर्जिन हो.

में : नहीं में वर्जिन नहीं हूँ. मैंने आपसे ऐसा कब कहा?

भाभी : अच्छा जी फिर तुमने उसके साथ सब कुछ कहाँ किया?

में : क्या सब कुछ? ( दोस्तों में जानबूझ कर उनकी बातों से बिल्कुल अंजान बन रहा था )

भाभी : अच्छा जी लगता है कि तुम अभी भी छोटे बच्चे हो, तुमने बस सुना कि वो वर्जिन होना चाहिए तो तुमने तुरंत मुझसे बोल दिया कि हाँ तुम वर्जिन हो.

में : नहीं मैंने ऐसा नहीं कहा, लेकिन अगर मुझे एक बार मौका मिले तो में वो सब कुछ करके बता दूँ कि मर्द वर्जिन कब तक रहते है और में क्या क्या कर सकता हूँ?

भाभी : अच्छा जी तो ऐसी बात है, लेकिन अब तुम अपनी हद में ही रहो, मुझे ऐसा मजाक बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होता और तुमने दोबारा ऐसा किया तो में तुम्हारी शिकायत कर दूंगी.

में : ठीक है, लेकिन में बहुत मजबूर हूँ और आप ही मुझे बताए में क्या करूं और मैंने जो कुछ भी कहा, आपने वो सब बिल्कुल सही सुना, में कोई मजाक नहीं करता.

भाभी : तुम मुझे ऐसे क्या घूर घूरकर देख रहे हो?

में : जी कुछ नहीं.

भाभी : क्यों तुमने आज तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाई?

में : जी मुझे अब तक आप जैसी कोई मिली ही नहीं.

भाभी : अच्छा अब तुम्हारी दोबारा से शरारत शुरू हो रही है. मैंने अभी तुम्हें मना किया था ना.

में : हाँ जी मुझे वो सब पता, लेकिन मुझे एक बार मौका मिले तो में आपके कहने पर कुछ और भी शुरू कर दूँ.

भाभी : तुम बड़े अजीब किस्म के नकटे इंसान हो, इतना कहने पर भी नहीं मानते, हाँ बताओ वो क्या?

में : जी कुछ नहीं, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो.

दोस्तों मुझे उनके चेहरे से उनका गुस्सा अब जाता हुआ नजर आ रहा था और वो हल्का सा मुस्कुराते हुए मुझसे बात कर रही थी, इसलिए में भी लगातार उनके पीछे लगा रहा और उनका मुझसे बात करने का तरीका अब बिल्कुल बदल सा गया, वैसे वो मुझे बहुत बातें कहकर डांट भी रही थी, लेकिन मुझ पर उनका असर बहुत कम हुआ.

भाभी : तुम पागल हो चुके हो, तुम्हें पता होना चाहिए कि में पहले से शादीशुदा हूँ और एक बच्चे की माँ भी.

में : वो सब कुछ मुझे पहले से पता था, लेकिन मुझे उस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता. में बस आपको बहुत प्यार करता हूँ और हमेशा ऐसे करता रहूँगा, मुझे बस इतना सा याद है.

भाभी : क्या मतलब है तुम्हारा?

में : जो अपने अभी कुछ देर पहले मेरे मुहं से सुना कि में आपको कितना प्यार करता हूँ और हमेशा खुश रखूंगा.

भाभी : बेटा यह सब क्या है?

में : भाभी कुछ नहीं मेरे मन की सच्ची बात जो में बहुत समय से आपको बताना चाहता था.

भाभी : अरे क्या तुम पूरी तरह से ठीक तो हो ना?

यह कहानी आप mxcc.ru में पढ़ रहें हैं।

में : हाँ हाँ भाभी में ठीक हूँ, पहले में बाथरूम में होकर आता हूँ.

भाभी : हाँ जाओ हो आओ.

दोस्तों मैंने बाथरूम के अंदर जाते ही अपने लंड को पेंट से बाहर निकला और अपने हाथ में लेकर धीरे धीरे हिलाने लगा. तभी मैंने देखा कि मेरे ठीक सामने भाभी की एक ब्रा लटकी हुई थी तो मैंने तुरंत उसको अपने हाथ में ले लिया और अब में उसको सूंघते हुए अपना सारा माल भाभी की उस लाल कलर की ब्रा में निकालने लगा और में अभी भी अपने काम में पूरा मदहोश ही था कि तभी अचानक से भाभी भी बाथरूम के अंदर आ गई.

दोस्तों में अंदर आते समय जल्दबाजी में बाथरूम का दरवाजा ठीक तरह से बंद करना भूल गया और उसके बाद में उनकी ब्रा, पेंटी को देखकर दूसरी दुनिया में चला गया, क्योंकि भाभी ने मुझे बाहर से आवाज देकर पूछा भी था, क्योंकि में अंदर बहुत देर से था तो उनको मेरी चिंता हुई और वो मुझसे बोली क्यों कहो क्या हो रहा है? दोस्तों मेरी तो उनको अचानक से अपने सामने देखकर और उनके मुहं से यह बात सुनकर गांड फट गई कि आज तो में काम से गया.

भाभी : तुम यह सब कुछ मेरी ब्रा के साथ क्या कर रहे हो?

में : भाभी प्लीज मुझे माफ़ कर दो.

भाभी : क्या माफ़ करने के लिए कहते हो, तुम्हारी यह गलती माफ़ करने के बिल्कुल भी लायक नहीं है.

दोस्तों वो उस समय बहुत गुस्से में थी और वो मुझसे यह बात कहकर तुरंत बाहर हॉल में आ गई और में अंदर बैठकर बचने का उपाय सोच रहा था कि अब में क्या करूं? में जल्दी से अपनी पेंट और अंडरवियर को ठीक करके बाहर आ गया. उस समय में बहुत डरा हुआ था और मेरे चेहरे से पसीना टपक रहा था.

भाभी : क्या यह सब तुम्हें करना अच्छा लगता है? तुम बहुत गंदे हो.

में : भाभी प्लीज़ आप मुझे माफ़ कर दो और यह बात आप किसी को मत बताना.

भाभी : हाँ ठीक है, में देखूंगी.

में : प्लीज़ भाभी मुझे माफ़ कर दो.

भाभी : हाँ, लेकिन तुम्हें यह सब करके ऐसा क्या मिलता है?

में : जी कुछ नहीं, लेकिन मुझसे अपनी ब्रा पेंटी को देखकर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ में क्या करता?

भाभी : तो फिर तुम ऐसा क्यों करते हो?

में : बस भाभी आप हो ही इतनी सेक्सी कि मुझसे आपको देखने के बाद रहा ही नहीं जाता.

भाभी : में खुद तुम्हारे पास रहती हूँ, तुम मुझसे बोलो यह करने को.

दोस्तों उनके यह बात सुनते ही उनके चेहरे से हंसी को देखकर मैंने भाभी को तुरंत अपनी तरफ खींच लिया और मैंने उनको किस करना शुरू कर दिया, पहले तो भाभी ने खुलकर मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन जब मैंने भाभी के बूब्स को दबाया तो वो भी कुछ देर बाद जोश में आकर मेरे साथ खुलकर मेरा साथ देने लगी थी.

मैंने भाभी के टॉप और जींस को उतार दिया और अब वो मेरे सामने सिर्फ़ अंडरगारमेंट्स ब्रा, पेंटी में थी और उनके बड़े बड़े आकार के बूब्स उनकी ब्रा से बाहर आने को मचल रहे थे, वो उस ब्रा में बहुत सुंदर उभरे हुए लग रहे थे. फिर तभी मैंने उन्हें पूरी तरह से आज़ाद कर दिया और अब में उनके निप्पल को सक करने लगा और सक करते करते में भाभी के नीचे की तरफ अपना एक हाथ ले गया और चूत को छूते ही वो कांप उठी और मैंने महसूस किया कि वो गीली भी थी और बूब्स को सक करते करते जैसे ही मैंने भाभी की पेंटी को नीचे किया, तो देखा कि उनकी बिना बालों की गुलाबी रंग की चूत बहुत कामुक दिख रही थी.

अब मैंने बूब्स को सक करते करते एक दो लव बाइट्स ( दांत से काट दिया था ) भाभी सकिंग करते करते बोली कि राजा आज तो बहुत मज़ा आ रहा है, साले मेरे घर वाले को भी कुछ सीखा दे, तू तो बहुत कुछ करना जानता है और में तो अब तक तुझे अब तक एक नादान बच्चा समझ रही थी, वो मेरी सबसे बड़ी गलती थी, लेकिन अब में अपनी प्यास और तुझसे अपनी चुदाई करवाकर ही मिटाउंगी तू आज से में हमेशा चोदने का हक रखता है.

दोस्तों अब में सही मौका देखकर चूत को सक करने लगा और भाभी मेरे बाल पकड़कर मेरे मुहं को चूत पर दबाने लगी और वो सिसकियाँ भर रही थी, आहह्ह्ह्ह उफ्फ्फ हाँ आज खा जाओ मेरी चूत को ऊईईईईई वाह मज़ा आ गया और इतने में भाभी ने मेरे लंड को आज़ाद किया और वो उसको पूरा अपने मुहं में ले गयी और मेरे आंड को मसाज देने लगी और अपने मुहं में मेरा पूरा लंड मुहं में ले गई.

दोस्तों में शब्दों में आप लोगों को क्या बताऊं वो क्या नज़ारा था, वो कभी मेरे लंड के टोपे को चाटती और कभी आंड को अच्छे से चाट रही थी, जैसे छोटे बच्चे को किसी ने लोलीपोप दे दिया हो. फिर उसके बाद मैंने भाभी को 69 की पोजीशन में सक किया और इस बीच में और भाभी बहुत बार झड़ चुके थे और में उनकी चूत को चाट रहा था और में उनकी चूत का वो सारा रस पी गया.

अब भाभी मुझसे कहने लगी कि प्लीज मुझे अब तुम और मत तरसाओ बना दो मुझे अपनी रंडी और फाड़ दो तुम आज मेरी चूत को, प्लीज थोड़ा जल्दी करो. दोस्तों मैंने महसूस किया था कि चूत बहुत टाईट थी, जिससे लगता था कि सच में उनका पति साला नपुंसक है.

फिर मैंने भाभी से पूछा कि कंडोम तो होगा तो मेरे मुहं से वो शब्द सुनकर उनको ऐसा लगा कि जैसे झटका लग गया. फिर वो मुझसे कहने लगी कि कभी उसने मेरे साथ कुछ करने का सोचा हो, तभी तो घर में ऐसी चीज़े होगी? तभी मुझे याद आ गया कि मेरे पास मेरे पर्स में एक कंडोम होगा तो मैंने देखा और वो मुझे मिल गया.

मैंने कंडोम भाभी को दे दिया और उन्होंने मेरे लंड पर उसको जल्दी से चढ़ा दिया और फिर वो मुझसे बोली कि हाँ अब तुरंत शुरू हो जाओ. दोस्तों बस फिर क्या था? मैंने अपने लंड को भाभी की चूत के अंदर थोड़ा सा डाला तो वो बहुत ज़ोर से चीख उठी और वो मुझसे कहने लगी, उफ्फ्फफ् माँ में मर गई मेरे राजा, प्लीज धीरे से करो आईईईई तुम्हारा बहुत मोटा है, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, आह्ह्हह्ह मेरे राजा में अब से बस तेरी ही हूँ, तू मुझे अपनी रांड की तरह चोदना आह्ह्ह, लेकिन अभी थोड़ा सा धीरे धीरे कर वरना में आज ही मर जाउंगी, स्सीईईईईई उसके बाद तो मेरी चूत को भी तुम्हारे मोटे लंड की आदत पड़ जाएगी और में तुमसे कुछ भी नहीं कहूंगी. दोस्तों कुछ देर हल्के हल्के धक्के देकर चोदने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया.

उसके बाद मैंने भाभी को अलग अलग स्टाईल से चोदा और में लगातार धक्के देता रहा. कुछ देर बाद मैंने भाभी से बोला कि मेरा अब काम होने वाला है. फिर वो मुझसे बोली कि तुम उसको बाहर ही निकाल देना, जैसे ही मैंने अपना वीर्य निकाला तो भाभी ने अपने मुहं में लंड को ले लिए और मुठ मारने लगी और जैसे ही माल बाहर निकला, वो सारा पी गई. दोस्तों उस दिन मैंने भाभी को दो बार चोदा और उसके बाद हमने एक साथ में बाथरूम में जाकर नहाना शुरू किया. दोस्तों उस दिन की चुदाई के बाद अब भी हमे जब भी मौका मिलता है तो हम नई पोजीशन में चुदाई करने लगते है और बहुत मज़े लेते है.



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